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Uttarakhand Tharali Cloudburst 2025: धराली के बाद थराली में कुदरत का कहर, बादल फटने से चमोली में मची तबाही!

Uttarakhand Tharali Cloudburst 2025: धराली के बाद थराली में कुदरत का कहर, बादल फटने से चमोली में मची तबाही!

Uttarakhand Tharali Cloudburst 2025

Uttarakhand Tharali Cloudburst 2025:  उत्तराखंड के चमोली जिले के थराली क्षेत्र में देर रात बादल फटने से भारी तबाही मच गई। अचानक हुई इस प्राकृतिक आपदा से लोगों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

Uttarakhand tharali cloudburst 2025

तेज बारिश के साथ आए मलबे ने थराली बाजार, तहसील परिसर, एसडीएम आवास समेत कई घरों और दुकानों को अपनी चपेट में ले लिया। कई वाहनों के मलबे में दबने की खबर है और इलाके में सड़कों पर यातायात भी पूरी तरह बाधित हो गया।

Uttarakhand Tharali Cloudburst 2025: कैसे हुई घटना और क्या नुकसान हुआ

स्थानीय प्रशासन के मुताबिक, घटना देर रात 2 से 3 बजे के बीच हुई जब लोग अपने घरों में सो रहे थे। अचानक तेज गर्जना के साथ भारी बारिश और मलबा नीचे की ओर आया। देखते ही देखते मलबा निचले इलाकों में भर गया और घरों के अंदर पानी व पत्थर घुस गए। इस हादसे में एक युवती की मौत हो गई है जबकि एक व्यक्ति लापता बताया जा रहा है। कुछ रिपोर्ट्स में दो लोगों के लापता होने की भी आशंका जताई जा रही है। कई मकान आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं और दर्जनों वाहन मलबे में दब गए हैं।

तहसील कार्यालय, पुलिस चौकी और बाजार क्षेत्र में घुटनों तक मलबा जमा हो गया। लोगों का कहना है कि इतनी तेज बारिश और मलबे का बहाव उन्होंने पहले कभी नहीं देखा। आसपास के गांवों में भी खेत और फसलें बर्बाद हो गईं, जिससे आर्थिक नुकसान का भी अंदेशा है।

राहत और बचाव कार्य में तेजी

घटना की जानकारी मिलते ही जिला प्रशासन सक्रिय हो गया। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं। स्थानीय पुलिस और प्रशासन के अधिकारी रातभर राहत-बचाव कार्य में जुटे रहे। मलबे में दबे लोगों और वाहनों को निकालने के लिए जेसीबी और अन्य मशीनों की मदद ली जा रही है।

प्रशासन ने प्रभावित इलाकों के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया और अस्थायी राहत शिविर स्थापित किए गए हैं। घायलों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं, बरसात का मौसम जारी रहने के कारण प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने और नदी-नालों के पास न जाने की अपील की है।

मुख्यमंत्री ने दिए सख्त निर्देश

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने जिला प्रशासन को तुरंत राहत सामग्री उपलब्ध कराने और बचाव कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। सीएम धामी ने कहा कि सरकार की पूरी कोशिश है कि प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता दी जाए। उन्होंने आपदा से प्रभावित परिवारों को मुआवजा देने और पुनर्वास की व्यवस्था का भी आश्वासन दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार लगातार हालात की मॉनिटरिंग कर रही है और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त टीमें भी भेजी जाएंगी। उन्होंने प्रभावित इलाकों में फंसे लोगों के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी करने के निर्देश दिए हैं ताकि मदद तुरंत पहुंच सके।

लोगों में दहशत, स्कूल बंद

Tharali और आसपास के क्षेत्रों में इस आपदा के बाद लोग डरे हुए हैं। कई परिवारों ने अपने घर छोड़ दिए हैं और सुरक्षित स्थानों पर शरण ले रहे हैं। एहतियात के तौर पर इलाके के सभी स्कूलों को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि अगले 24 घंटे मौसम खराब रह सकता है, इसलिए लोग सतर्क रहें।

आगे की चुनौती

चमोली जैसे पहाड़ी जिलों में बादल फटने की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, जलवायु परिवर्तन और अनियंत्रित निर्माण कार्य इसके पीछे अहम कारण हैं। थराली की यह घटना एक बार फिर से पहाड़ों में आपदा प्रबंधन की तैयारियों पर सवाल खड़े करती है।

फिलहाल प्रशासन का पूरा ध्यान मलबा हटाने, लापता लोगों की खोज और प्रभावित परिवारों को राहत पहुंचाने पर है। आने वाले दिनों में नुकसान का पूरा आकलन किया जाएगा और पुनर्निर्माण का काम शुरू होगा। लेकिन इस घटना ने एक बार फिर याद दिलाया है कि पहाड़ी क्षेत्रों में मानसून के समय सावधानी और पुख्ता तैयारी बेहद जरूरी है।

इमेज सोर्स: Twitter

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