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PM Modi China Visit- जापान के बाद चीन पहुंचे पीएम मोदी, SCO Summit में होंगे शामिल

PM Modi China Visit- जापान के बाद चीन पहुंचे पीएम मोदी, SCO Summit में होंगे शामिल

PM Modi China Visit

PM Modi China Visit- प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी अपनी दो देशों की यात्रा के दौरान जापान के बाद अब चीन के तियानजिन पहुंच चुके हैं। चीन में पीएम मोदी 31 अगस्त से 1 सितंबर तक चलने वाली SCO Summit में भाग लेंगे। इससे पहले पीएम मोदी के जापान दौरे के दौरान जापान के लोगों में काफी उत्साह दिखाई दिया।

पीएम मोदी ने जापान के प्रधानमंत्री इशिबा के साथ भारत और जापान के बीच कई महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर भी किए हैं। इन महत्वपूर्ण समझौतों के बाद भारत और जापान एक दूसरे को और भी विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

PM Modi China Visit- सात साल के बाद चीन में मिलेंगे पीएम मोदी और शी चिनपिंग, व्यापारिक मुद्दों पर होगी बातचीत

Pm modi china visit

शानदार स्वागत

जापान के बाद चीन के तियानजिन शहर में पहुंचने पर पीएम मोदी का एयरपोर्ट पर शानदार स्वागत किया गया। इस दौरान पीएम के स्वागत के लिए रेड कार्पेट बिछी हुई थीं तो चीनी नागरिकों में भी अलग उत्साह दिखाई दे रहा था।

दोनों देशों के नागरिकों को पीएम मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी चिनपिंग से काफी उम्मीदें हैं। पीएम मोदी अपने चीन दौरे के दौरान SCO Summit में भी शामिल होंगे। इस समिट में भाग लेने के लिए रूस के राष्ट्रपति पुतिन भी चीन आ रहे हैं।

सात साल बाद आमने सामने पीएम मोदी और चिनपिंग

आपको बता दें कि पीएम मोदी और चीन के राष्ट्रपति 7 साल के बाद एक दूसरे के साथ मीटिंग करेंगे। जून 2020 में गलवान घाटी में सैनिकों के बीच हुई तीखी झड़प के बाद से ही भारत और चीन के रिश्तों में दूरी बन गई थीं।

पीएम मोदी और शी चिनपिंग की मुलाक़ात ऐसे समय हो रही है, जब अमेरिकी प्रेसिडेंट डोनॉल्ड ट्रंप दुनिया के अलग अलग देशों पर टैरिफ बढ़ाते जा रहे हैं। टैरिफ की वजह से भी भारत और चीन के रिश्ते में कुछ सुधार देखने को मिल रहा है।

इसमें बड़ी भूमिका रूस के राष्ट्रपति पुतिन की भी है। भारत, रूस और चीन तीनों ही देश ब्रिक्स का हिस्सा हैं और कई मौकों पर आमने सामने मुलाकात कर चुके हैं, इसलिए भी पीएम मोदी का यह चीन दौरा काफी अहम माना जा रहा है।

SCO समिट में होंगे शामिल

एक तरफ जहां दुनिया के कई देश अमेरिका के टैरिफ की मार झेल रहे हैं तो वहीं भारत अपने सहयोगी देशों के साथ मिलकर ट्रेड की सभी संभावनाओं को तलाश रहा है। पीएम मोदी की 7 साल बाद हो रही चीन की यह यात्रा भी इसी से सम्बन्धित है। वह चीन में आयोजित SCO Summit में भी शामिल होने वाले हैं।

आखिर क्या है SCO

अब जब पूरी दुनिया की मीडिया की नजरें चीन में हो रही इस SCO Summit के ऊपर लगी हुई हैं तो यह जानना बेहद जरूरी है कि आखिर यह SCO है क्या और इसकी स्थापना क्यों की गई। दरअसल SCO एक सुरक्षा समूह है, जिसे शंघाई फाइव के नाम से भी जाना जाता है।

कोल्ड वॉर खत्म होने के बाद जब सोवियत यूनियन टूट रहा था तो चीन के साथ कई प्रमुख देशों ने अपनी सीमा से जुड़ी समस्याओं को सुलझाने के लिए इसका गठन किया। उस समय SCO में चीन, रूस, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान और तजाकिस्तान ही शामिल थे।

रिपोर्ट के मुताबिक साल 2017 में SCO में भारत और पाकिस्तान को भी शामिल किया गया। आज इसमें ईरान, बेलारूस, सऊदी अरब, मिस्र, तुर्की, म्यांमार, श्रीलंका और कंबोडिया भी शामिल हैं।

क्या है संगठन का मुख्य उद्देश्य

SCO का मुख्य उद्देश्य सीमा से जुड़े किसी भी विवाद को सुलझाना होता है। इसके अलावा दक्षिण एशियाई देशों की एकजुटता और आपसी संबंधों को बढ़ावा देना इस संगठन का प्रमुख उद्देश्य है।

कौन से देश हो रहे हैं शामिल

मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो SCO Summit में 20 से अधिक देशों के प्रमुखों5के अलावा 10 अंतर्राष्ट्रीय संगठनों के प्रमुखों के शामिल होने की खबर है। इस समिट में तुर्की के राष्ट्रपति, म्यांमार के सैन्य प्रमुख मिन आंग, नेपाल के पीएम के पी शर्मा ओली, इंडोनेशिया के राष्ट्रपति, मालदीव के राष्ट्रपति, UN के महासचिव एंटोनियो गुटरेस के अलावा रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और नॉर्थ कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन के भी शामिल होने की संभावना है।

पीएम मोदी और पुतिन, चिनपिंग की अहम बैठक

चीन की दो दिवसीय यात्रा के दौरान पीएम मोदी प्रेसिडेंट पुतिन के साथ ही चीनी राष्ट्रपति शी चिनपिंग के साथ मुलाकात करेंगे। इस दौरान भारत और चीन के बीच कई मामलों पर महत्वपूर्ण बातचीत होने की संभावना है।

चीन में ही पीएम मोदी रूस के राष्ट्रपति पुतिन से भी मिलेंगे। ब्रिक्स में शामिल तीनों देशों के एक दूसरे के साथ कई अहम समझौतों पर भी हस्ताक्षर करने की संभावना है।

व्यापार संबंधों पर होगी बातचीत

Pm modi and jinping

पीएम मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी चिनपिंग के बीच आर्थिक मुद्दों पर अहम बातचीत होने के आसार हैं। अमेरिका के ग्लोबल ट्रेड वॉर के बीच एशियाई देश आपस में मिलकर इससे निपटने के उपाय तलाश रहे हैं।

भारत चीन के साथ व्यापारिक संबंधों के साथ साथ सीमा विवाद को भी सुलझाने पर जोर दे सकता है। इससे दोनों देशों के बीच शांति कायम करने में मदद मिल सकती है। इसके अलावा पीएम मोदी और शी चिनपिंग के बीच होने वाली अहम बैठक में हवाई यात्रा के साथ डिजिटल टेक्नीक और व्यापार से जुड़े मुद्दों पर बात होने के आसार हैं।

चीन में होने वाले SCO Summit को लेकर अमेरिका भी काफी सतर्क है। भारत और चीन के बीच व्यापारिक समझौते होने की स्थिति में अमेरिका को नुकसान भी उठाना पड़ सकता है।

आपको बता दें कि कुछ दिनों पहले ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनॉल्ड ट्रंप ने भारत के साथ दुनिया के अलग अलग देशों के ऊपर टैरिफ को बढ़ा दिया है। इससे कई देशों के साथ अमेरिका के संबंध खराब हो रहे हैं। इस समय पूरी दुनिया की नजरें चीन मैंहने वाले एससीओ समिट के ऊपर टिकी हुई हैं।


इमेज सोर्स: Twitter

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