Himachal Pradesh Floods 2025: हिमाचल प्रदेश इस मॉनसून में भारी बारिश और भूस्खलन की मार झेल रहा है। राज्य के कई हिस्सों में नदी और नाले उफान पर हैं और सड़कें व पुल बह चुके हैं। पिछले कुछ दिनों से लगातार बारिश ने लोगों की जिंदगी को मुश्किल बना दिया है।
मौसम विभाग के अनुसार, इस बार अगस्त महीने में सामान्य से लगभग 62% अधिक बारिश दर्ज की गई है। इसके चलते कई जिलों में बाढ़ और भूस्खलन की स्थिति बन गई है। प्रशासन और राहत एजेंसियां लगातार प्रभावित इलाकों में बचाव और राहत कार्यों में जुटी हुई हैं।
Himachal Pradesh Floods 2025: भारी बारिश और भूस्खलन की वजह से हुई तबाही
पिछले 24 घंटों में चार और लोगों की मौत होने से इस मॉनसून में Himachal Pradesh का कुल मौत का आंकड़ा 312 पहुँच गया है। मंडी, कुल्लू, चंबा और सिरमौर जिलों में भूस्खलन और तेज बारिश के कारण कई सड़कें और पुल टूट गए हैं। मणिमाहेश यात्रा मार्ग पर कई जगह भूस्खलन हुआ, जिससे यात्रियों और स्थानीय लोगों की जान को खतरा पैदा हुआ।
📍 Kullu & Mandi, Himachal Pradesh:
➡️ Cloudbursts + landslides cut off 350+ roads
➡️ 15 villages isolated
➡️ Houses washed away, schools shut, highways closed🎥 Devastation caught on video 👇#HimachalFloods #ClimateEmergency pic.twitter.com/zuu2s7wwjY
— Nikhil Sharma (@EarthWarriorNik) August 28, 2025
भारी बारिश के कारण 500 से अधिक सड़कें अवरुद्ध हो गई हैं। मनाली, मंडी और कुल्लू में मुख्य मार्ग टूटकर बाढ़ में बह गए हैं। इसके अलावा बिजली और पानी की आपूर्ति भी प्रभावित हुई है। लगभग 1,200 ट्रांसफॉर्मर और 416 जल आपूर्ति योजनाएं इस बारिश से बाधित रही हैं, जिससे आम जनता को काफी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है।
मणिमाहेश तीर्थयात्रियों की सुरक्षा
मणिमाहेश यात्रा पर गए लगभग 3,000 तीर्थयात्रियों को सुरक्षित बचाया गया है। Himachal Pradesh के मुख्यमंत्री सचिव ने बताया कि सभी तीर्थयात्री सुरक्षित हैं और उन्हें सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट कर दिया गया है। राहत और बचाव कार्यों में SDRF, NDRF और स्थानीय प्रशासन सक्रिय हैं।
Due to heavy rains triggering landslides and floods, Kullu, Manali and Lahaul-Spiti have been completely cut off from the rest of Himachal Pradesh for the second consecutive day. https://t.co/3nz8id9u3n
— The New Indian Express (@NewIndianXpress) August 27, 2025
भूस्खलन और बाढ़ के कारण कई मुख्य मार्गों पर यातायात ठप हो गया है। मनाली हाईवे और मंडी-कुल्लू मार्ग पर बड़े पैमाने पर बहाव और धंसाव हुआ है। प्रशासन लगातार टूटे मार्गों को बहाल करने का काम कर रहा है, लेकिन कई जगहों पर काम रुक-रुक कर ही चल रहा है। यात्रियों और स्थानीय लोगों को मार्ग खुलने तक वैकल्पिक रास्तों से चलने की सलाह दी गई है।
सरकार की प्रतिक्रियाएं और राहत प्रयास
हिमाचल प्रदेश सरकार ने केंद्र से इस आपदा को राष्ट्रीय स्तर पर ‘प्रलय’ घोषित करने की मांग की है। इसके साथ ही राज्य में राहत पैकेज और तुरंत मदद की अपील की गई है। स्थानीय प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में राहत शिविर स्थापित किए हैं, जहाँ बारिश और भूस्खलन से प्रभावित लोगों को शरण दी जा रही है।
Look at the Disastrous floody rivers in upstream India — Himachal Pardesh, Uttarakhand,Jammu Kashmir & Punjab, resulting in opening of all water gates downstream towards Pakistan. There will be flood emergency, intensity peak in 24 to 30 hours. Army deployed in 6 districts in 🇵🇰 pic.twitter.com/GkY1zrGmIy
— Hyder Chattha (@hyder_chattha) August 27, 2025
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार और केंद्र सरकार मिलकर बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्यों को तीव्र गति से जारी रखेंगे। सभी प्रभावित जिलों में राहत सामग्री, खाने-पीने का सामान और मेडिकल सपोर्ट उपलब्ध कराया जा रहा है।
Himachal Pradesh में मॉनसून बाढ़ और भूस्खलन की स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है। बारिश के चलते नदियों का जलस्तर बढ़ा हुआ है और कई इलाकों में संपर्क कट गया है। प्रशासन लगातार बचाव कार्यों में जुटा हुआ है और राहत कार्य तेजी से जारी हैं। स्थानीय लोग और पर्यटक सभी को सतर्क रहने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी जा रही है।
राज्य में यह मॉनसून अब तक की सबसे विनाशकारी घटनाओं में से एक माना जा रहा है। आने वाले दिनों में मौसम विभाग की भविष्यवाणी और राहत कार्यों की प्रगति पर पूरी नजर बनी रहेगी।
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