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Himachal Pradesh Cloudburst 2025: हिमाचल प्रदेश में भीषण बाढ़ और बादल फटने से तबाही, अब तक 51 की मौत, 22 लापता

Himachal Pradesh Cloudburst 2025: हिमाचल प्रदेश में भीषण बाढ़ और बादल फटने से तबाही, अब तक 51 की मौत, 22 लापता

Himachal Pradesh Cloudburst 2025

Himachal Pradesh Cloudburst 2025: हिमाचल प्रदेश में 1 और 2 जुलाई 2025 को आई मूसलधार बारिश और बादल फटने की घटनाओं ने पूरे राज्य को हिला कर रख दिया है। राज्य के मंडी, कुल्लू, कांगड़ा और अन्य इलाकों में भयंकर बाढ़, भूस्खलन और तबाही देखने को मिल रही है। अभी तक प्राप्त जानकारी के अनुसार, इन घटनाओं में अब तक 51 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 22 लोग अब भी लापता हैं। लगभग 103 लोग घायल हुए हैं और 406 से अधिक सड़कें बंद हो चुकी हैं।

Himachal flood

Himachal Pradesh Cloudburst 2025: मंडी जिले में सबसे ज्यादा तबाही।

मंडी जिला इस बार की आपदा से सबसे अधिक प्रभावित हुआ है। यहां पर 11 जगहों पर बादल फटे और 4 स्थानों पर फ्लैश फ्लड की घटनाएं सामने आईं। इन घटनाओं में अकेले मंडी में 40 से अधिक लोगों की मौत, 15 से ज्यादा लोग लापता और 60 से अधिक घायल हुए हैं।

बाढ़ की स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पंडोह बांध से अचानक दो लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया, जिससे ब्यास नदी और आसपास के गांवों में जलस्तर तेजी से बढ़ गया और कई मकान बह गए।

कुल्लू जिले में बादल फटने से मची अफरा-तफरी

कुल्लू जिले के सैंज घाटी में देर रात को बादल फटने की घटना सामने आई। इस हादसे में 5 लोगों की मौत हो गई और कई लापता बताए जा रहे हैं। यहां पर सड़कें टूट गईं, पुल बह गए और नदी किनारे के घरों को भारी क्षति पहुंची है।

स्थानीय लोगों ने बताया कि पानी का बहाव इतना तेज था कि कुछ ही मिनटों में पूरा गांव जलमग्न हो गया।

कांगड़ा में भी नुकसान, नदी-नाले उफान पर

कांगड़ा जिले में भी भारी बारिश और फ्लैश फ्लड की वजह से नदियों का जलस्तर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। कई जगहों पर छोटे पुल बह गए हैं और ग्रामीण क्षेत्रों का संपर्क कट गया है। यात्रियों और पर्यटकों को सड़कों पर फंसे हुए देखा गया है, जिन्हें निकालने के लिए राहत टीमें लगातार प्रयास कर रही हैं।

राहत और बचाव कार्य जारी

Himachal pradesh cloudburst 2025

राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (SDMA), NDRF, SDRF और पुलिस की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में लगातार राहत एवं बचाव कार्यों में लगी हुई हैं।

अब तक मंडी में 316 लोगों को सुरक्षित निकाला गया, हमीरपुर में 51 और चम्बा में 3 लोगों को बचाया गया है। हेलीकॉप्टरों के माध्यम से प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है।

तो वहीं लगभग 994 ट्रांसफॉर्मर क्षतिग्रस्त होने से बिजली और संचार सेवाएं बाधित हुए हैं, जिससे कई गांवों में बिजली नहीं है। साथ ही, कई मोबाइल टावर भी ठप हो गए हैं, जिससे संचार में परेशानी आ रही है।

प्रभावित इलाकों से आए चश्मदीदों ने बताया कि रात को अचानक पानी का स्तर बढ़ा और लोगों को कुछ समझने का मौका तक नहीं मिला। कई परिवारों के मकान पूरी तरह बह गए और लोगों ने किसी तरह पेड़ों और पहाड़ियों पर चढ़कर जान बचाई।

मौसम विभाग का अलर्ट: खतरा अभी टला नहीं

भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने अगले 5 दिनों तक भारी बारिश का रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। विशेषकर मंडी, कुल्लू, कांगड़ा, सोलन और सिरमौर जिलों में भारी बारिश और भूस्खलन की चेतावनी दी गई है।

लोगों को सलाह दी गई है कि वे अनावश्यक यात्रा से बचें और किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन से संपर्क करें।

सरकार की प्रतिक्रिया

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आपदा की स्थिति को गंभीर बताया और अधिकारियों को राहत कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया है और कहा है कि राज्य सरकार सभी प्रभावित लोगों के साथ खड़ी है।

PWD विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि टूटे हुए पुलों और सड़कों की मरम्मत जल्द से जल्द की जाए। आवश्यक जगहों पर मोबाइल ब्रिज (modular bridges) लगाने की योजना पर काम शुरू कर दिया गया है।

यात्रियों और पर्यटकों के लिए निर्देश

  • हिमाचल की यात्रा पर जाने वाले पर्यटकों से अपील की गई है कि वे अगले कुछ दिनों तक अपनी यात्रा टालें।

  • जो पर्यटक पहले से राज्य में हैं, उन्हें सुरक्षित स्थानों पर ही रुकने की सलाह दी गई है।

  • पर्यटक स्थलों और हाइवे पर वाहनों की आवाजाही नियंत्रित की गई है।

हिमाचल प्रदेश में मॉनसून इस बार भयानक रूप लेकर आया है। बादल फटना, बाढ़, भूस्खलन और सड़कें टूटने की घटनाओं ने राज्य की आम जनजीवन को प्रभावित किया है।

प्रशासन की तरफ से राहत कार्य जोरों पर हैं, लेकिन मौसम की गंभीरता को देखते हुए आने वाले दिनों में हालात और खराब हो सकते हैं। जनता से अपील है कि वे सतर्क रहें, मौसम विभाग और प्रशासन की सलाहों का पालन करें और आपदा के समय संयम बनाए रखें।

Images: Twitter

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