Ganesh Chaturthi 2024 Bhog Ideas: आज हम जानेंगे गणेश जी को कौन से 10 दिनों तक भोग लगाए जो गणेश जी को अति प्रिय है। हिंदू धर्म में गणेश चतुर्थी का विशेष महत्व है। यह पर्व हर साल भाद्र मास के शुक्ल पक्ष के चतुर्थी तिथि को मनाया जाता है। इस पर्व में सभी देवताओं में प्रथम पूज्य भगवान श्री गणेश को प्रसन्न करने के लिए उनकी पूजा की जाती है।
इस साल गणेश चतुर्थी की शुरुआत 7 सितंबर 2024 से होगी इसका समापन अनंत चतुर्दशी के दिन 17 सितंबर को होगा। इन 10 दिनों में भगवान गणेश जी को 10 अलग-अलग चीजों का भोग लगाया जाता है। मान्यता है कि इन 10 चीजों को भोग लगाने से भगवान गणेश अत्यंत प्रसन्न होते हैं। इससे घर परिवार में सुख शांति और समृद्धि आती है, सारे संकट कट जाते हैं।
Ganesh Chaturthi 2024 Bhog Ideas: आईए जानते हैं गणेश चतुर्थी पर 10 दिन कौन से भोग लगाना चाहिए।
1.मोदक
मोदक गणपति जी का सबसे प्रिय भोग है, चावल के आटे और नारियल और गुड़ से बना पारंपरिक मोदक भगवान के भोग में पहले दिन लगाएं।हालांकि मोदक कई तरह से बनते हैं लेकिन नारियल और गुड़ का मोदक ही उनका सर्वप्रिय भोग है।
2. मोतीचूर के लड्डू
भगवान गणेश जी के दूसरा प्रिय भोग होता है।मोतीचूर का लड्डू बेसन से बना ये लड्डू उनके साथ उनके वाहक मुशकराज को भी बेहद प्रिय है। शुद्ध घी से बने बेसन के लड्डू आप प्रभु को दूसरे दिन अर्पित करें।
3. नारियल चावल
गणपति जी को नारियल वाले चावल भी बहुत पसंद है।और आप तीसरे दिन उनको ये भोग अर्पित जरूर करें। नारियल के दूध में चावल को पका कर इस भोग को बनाया जाता है। आप चाहे तो इसमें गुड़ या चीनी भी मिला सकते हैं।
4. पूरन पोली
चने की दाल और गुड़ के साथ बनी पूरनपोली गणपति जी का प्रसाद है। कई जगह इसे खोया के साथ भी बनाया जाता है।गणेश चतुर्थी के चौथे दिन आप भगवान के समक्ष इस भोग को अर्पित करें निश्चित रूप से प्रभु आप पर प्रसन्न होंगे।
5. श्रीखंड
गणपति जी की पूजा में श्रीखंड सबसे प्रिय भोग माना गया है।केसर को दही और चीनी के साथ कई तरह के मेवें के साथ मिलाकर बनाया जाता है।
6.केले का शीरा
पके हुए केले को मैश कर उसे सूजी और चीनी में मिलाकर शीरा बनाया जाता है। आप चाहे तो इसकी जगह शुद्ध घी में बना हलवा भी भगवान को भोग में लगा सकते हैं। छठे दिन ये भोग गणेश जी को अर्पित करें।
7. रवा पोंगल
रवा यानी सूजी और मूंग की दाल को पीसकर घी और ढेर सारे मेवे के साथ मिलाकर बनाया जाता है।एक तरह से ये मूंग का हलवा ही होता है। इसे आप सातवें दिन गणपति जी को भोग जरूर लगाए।
8. पायसम
पायसम भी एक पारंपरिक भोग है। और विशेष कर इसे दक्षिण भारत में बनाया जाता है। यह खीर का ही एक रूप है। चावल या सेवई को दूध और चीनी या गुड़ के साथ बनाया जाता है। इलायची पाउडर ,घी और मेवे इसमें डाला जाता है। आठवें दिन इस भोग को जरूर लगाए।
9. शुद्ध घी और गुड़ का भोग लगाए।
गणपति जी को शुद्ध घी में पका हुआ गुड गुड़ का भोग बहुत भाता है। इसलिए आप नवें दिन गणपति जी को यह भोग लगा सकते हैं। आप चाहे तो इस भोग में छुहारे नारियल भी मिला सकते हैं।
10. छप्पन भोग
दसवे दिन गणपति जी को सारे ही पसंदीदा भोग के साथ कई और भोग बनाएं। इन भोग की संख्या 56 प्रकार की होनी चाहिए। आप चाहे तो इसमें कोई भी भोग बना सकते हैं।
शुद्ध और सात्विक भोजन के साथ गणपति जी का इस दिन खास भोग लगाया जाता है। गणपति जी को प्रेम पूर्वक अपने हाथों से बनाकर भोग चढ़ाएं ऐसा करने भर से भगवान की कृपा आपके पूरे परिवार पर बनी रहेगी।
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