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Axiom-4 Mission Launch Delayed: Axiom-4 मिशन फिर टला, शुभांशु शुक्ला की उड़ान पर लगा ब्रेक

Axiom-4 Mission Launch Delayed: Axiom-4 मिशन फिर टला, शुभांशु शुक्ला की उड़ान पर लगा ब्रेक

Axiom-4 Mission Launch Delayed

Axiom-4 Mission Launch Delayed: SpaceX और NASA के Axiom-4 मिशन की लॉन्चिंग एक बार फिर टाल दी गई है।  Axiom-4 मिशन, जिसे लेकर न केवल भारत बल्कि पूरी दुनिया की निगाहें टिकी हुई थीं, एक बार फिर से लॉन्च से पहले ही रोक दिया गया है।

इस मिशन की सबसे अहम बात ये है कि इसमें भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को पहली बार अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) भेजा जाना था। लेकिन अब यह ऐतिहासिक मिशन कब लॉन्च होगा, इसकी कोई निश्चित तारीख सामने नहीं आई है।

 

Axiom-4 mission launch delayed

Axiom-4 Mission Launch Delayed: अब तक छह बार टल चुका है लॉन्च

Axiom-4 Mission का सफर मुश्किलों से भरा रहा है। पहली बार इसका लॉन्च 29 मई को होना था, लेकिन तकनीकी खराबी के चलते इसे स्थगित कर दिया गया।

इसके बाद 8 जून, 10 जून, 11 जून, 12 जून और फिर 19 जून को लॉन्चिंग की अलग-अलग तारीखें तय की गईं, मगर हर बार किसी न किसी वजह से मिशन को टालना पड़ा।

कभी मौसम ने बाधा डाली, तो कभी रॉकेट में तकनीकी दिक्कत आ गई। अब 22 जून को निर्धारित लॉन्च को भी स्थगित कर दिया गया है। फिलहाल NASA और Axiom Space ने मिशन की नई लॉन्च डेट की घोषणा नहीं की है।

तकनीकी समस्याएं बनीं देरी की वजह

Falcon-9 रॉकेट में 11 जून को तरल ऑक्सीजन (LOX) का लीक पाया गया था, जिसके चलते ‘हॉट फायर टेस्ट’ भी अधूरा रह गया। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन के Zvezda मॉड्यूल में एयर लीक मिला, जो क्रू की सुरक्षा के लिहाज से एक गंभीर मामला है।

NASA अब Zvezda मॉड्यूल की मरम्मत और उसकी पूरी तरह से टेस्टिंग करवा रहा है ताकि कोई भी जोखिम न रहे। यही नहीं, खराब मौसम भी कई बार इस मिशन की लॉन्चिंग में बाधा बना।

कौन हैं शुभांशु शुक्ला?

Axiom-4 mission launch delayed

शुभांशु शुक्ला भारतीय वायुसेना के एक अनुभवी अधिकारी हैं, जो इस समय अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में हैं क्योंकि वह Axiom-4 मिशन के ज़रिए अंतरिक्ष जाने वाले हैं।

उत्तर प्रदेश के लखनऊ में जन्मे शुभांशु ने बचपन से ही विज्ञान और उड़ान में गहरी रुचि दिखाई। उन्होंने राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA) से अपनी पढ़ाई पूरी की और वायुसेना में फाइटर पायलट के रूप में शामिल हुए।

अपने करियर में उन्होंने मिग-21, सुखोई-30 MKI जैसे कई अत्याधुनिक फाइटर जेट उड़ाए हैं और 2,000 से ज्यादा घंटे की उड़ान का अनुभव हासिल किया है। उन्होंने बेंगलुरु के इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस (IISc) से एयरोस्पेस इंजीनियरिंग में मास्टर्स भी किया है।

अंतरिक्ष के प्रति उनके जुनून और काबिलियत को देखते हुए उन्हें भारत के अंतरिक्ष अभियानों के लिए चुना गया और अब वह Axiom-4 Mission के तहत अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) की यात्रा पर जाने वाले पहले भारतीय बनने जा रहे हैं। यह मिशन भारत के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।

शुभांशु शुक्ला का ऐतिहासिक मिशन

इस मिशन में भारत के लिए एक बहुत बड़ी उम्मीद जुड़ी हुई है। शुभांशु शुक्ला, राकेश शर्मा के बाद अंतरिक्ष में जाने वाले भारत के दूसरे नागरिक बन सकते हैं।

हालांकि राकेश शर्मा ने सोवियत मिशन के ज़रिए उड़ान भरी थी, लेकिन शुभांशु एक प्राइवेट स्पेस मिशन का हिस्सा बनकर ISS (International Space Station) तक पहुंचने वाले पहले भारतीय बनेंगे। उनके साथ इस मिशन में अमेरिका, पोलैंड और हंगरी के यात्री भी शामिल हैं।

भारतीय वैज्ञानिक प्रयोग भी होंगे शामिल

Axiom-4 mission launch delayed

इस मिशन के ज़रिए कई वैज्ञानिक प्रयोग किए जाने हैं, जिनमें से कुछ भारत द्वारा डिज़ाइन किए गए हैं। इनमें सूक्ष्मजीवों पर असर, जीरो ग्रैविटी में मानव शरीर की प्रतिक्रिया, स्पेस फूड, और माइक्रोग्रैविटी में पौधों के विकास जैसे अहम प्रयोग शामिल हैं। ये सारे अध्ययन न केवल भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम बल्कि भविष्य के मानव मिशनों के लिए बेहद उपयोगी साबित होंगे।

अगली लॉन्च विंडो कब?

NASA के मुताबिक, मौजूदा लॉन्च विंडो 30 जून तक खुली हुई है। यदि तब तक मिशन लॉन्च नहीं किया गया, तो अगली लॉन्च विंडो जुलाई के मध्य में खुल सकती है।

अभी तक कोई नई तारीख घोषित नहीं की गई है, लेकिन NASA और Axiom दोनों ही एजेंसियाँ मिशन की हर पहलू से जांच कर रही हैं ताकि कोई खतरा न रहे।

हालांकि मिशन की लगातार देरी से निराशा ज़रूर हुई है, लेकिन भारत के लिए ये अब भी एक ऐतिहासिक मौका है। शुभांशु शुक्ला जैसे अनुभवी पायलट को अंतरिक्ष भेजना भारतीय युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन सकता है।

Axiom-4 Mission अगर सफलतापूर्वक लॉन्च होता है, तो यह भारत के वैज्ञानिक क्षेत्र और अंतरिक्ष क्षेत्र में एक नया अध्याय जोड़ेगा। Axiom-4 मिशन की बार-बार हो रही देरी भले ही थोड़ी मायूस कर रही हो, लेकिन इसकी सुरक्षा और सफलता ही सबसे ज़्यादा मायने रखती है।

शुभांशु शुक्ला की उड़ान सिर्फ एक मिशन नहीं, बल्कि भारत की अंतरिक्ष यात्रा में एक ऐतिहासिक मोड़ होगी। अब सबकी निगाहें NASA और Axiom पर हैं कि अगली लॉन्च डेट कब घोषित होती है और क्या भारत का यह सपना जल्द ही पूरा हो पाएगा।

Image Source: Twitter

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